उठो साथियो !
जागो जनगण देश के,उठो मचाओ शोर।
लिए तुम्हारी रोटियां, भाग रहे हैं चोर।।
पल प्रतिपल फुंफकारता, अँधियारा खूँरेज।
उठो साथियो हाथ की, करो मशालें तेज।।
अंधों की इजलास में, गूँगों पर अभियोग।
और
जागो जनगण देश के,उठो मचाओ शोर।
लिए तुम्हारी रोटियां, भाग रहे हैं चोर।।
पल प्रतिपल फुंफकारता, अँधियारा खूँरेज।
उठो साथियो हाथ की, करो मशालें तेज।।
अंधों की इजलास में, गूँगों पर अभियोग।
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